भ्रष्टाचार सिर्फ हिंदुस्तान की ही समस्या नहीं बल्कि यह पुरे दुनिया की हर मुल्क की एक सबसे बड़ी समस्या है . दुनिया के अधिकांश बड़े नेता , प्रायः सभी (कुछ को छोड़कर ) पदाधिकारी कही न कही भ्रष्टाचार में लिप्त है .तो क्या भ्रष्टाचार को रोकने के लिए दुनिया के किसी भी मुल्क में कोई सख्त कानून नहीं है.मेरा मानना है कि ' है".पर क्यों नहीं होता भ्रष्टाचार दूर ? एक ही कारण है कि कानून से भ्रष्टाचार दूर नहीं होता भ्रष्टाचार दूर तभी होगा जब व्यवस्थापिका न्यायपालिका और कार्यपालिका के पदों पर बैठा व्यक्ति चरित्रवान .निष्ठावान और .देशभक्त होगा . इन सबको देशभक्ति कि शिक्षा नैतिक शिक्षा देने कि जरुरत है .
मै कुछ उदहारण देकर स्पष्ट करना चाहूँगा . राजा हरिश्चंद्र ने सपने में इक वादा किया था और उस वादे को उन्होंने सुबह में पूरा कर दिया . ओ वादा इसलिए नहीं पुरे किये को ओ कानून से डरते थे उन्होंने इसलिए वादा पुरे किये कि कल राज्य कि जनता ये न कहे कि राजा अपने दिए हुए वचनों से मुकर जाता है .जनता का राजा के ऊपर से भरोसा न उठ जाये इसलिए पालन किया . उन्होंने राजधर्म का पालन करते हुए अपना वादा पूरा कर दिया परन्तु आज के नेता दिन में किये हुए वादा पुरे नहीं करते .
भगवान राम ने राज धर्म पालन किया और एक प्रजा के कहने पर अपनी प्यारी पत्नी को सीता को महल से निकल दिया .ओ कानून से नहीं बल्कि धर्म , राज धर्म से डरते थे .
चाद्क्य ने चन्द्र गुप्त मौर्या को धार्मिक और राजनैतिक शिक्षा देकर चन्द्रगुप्त को भारत का सर्वश्रेष्ट शासक बना दिया
हमारे नेताओं को भी धर्म की शिक्षा देना जरुरी है उन्हें रामचरित मानस पढने के लिए उत्साहित करना पड़ेगा तब जाकर उनके चरित्र और स्वभाव में बदलाव आएगा . चाद्क्य जैसे विद्वान् शिक्षक के सानिध्य में शिक्षा ग्रहण करना पड़ेगा उन्हें धर्म निरपेक्ष नहीं धर्मसपेक्षा बनाना पड़ेगा . हिन्दुस्तान का गौरव मयी इतिहास , शिवी धतिची और राजा बलि की कहानी से इनको अवगत करना पड़ेगा तभी जाकर हमारे नेताओं के चरित्र और स्वभाव में बदलाव आएगा और ओ राम और हरीश्चन्द्र की तरह राजधर्म का पालन करेंगे और भ्रष्टाचार से दूर रहेंगे और संत आत्माओं की भाति कम करेंगे और भारत फिर से दुनिया का गुरु बन जायेगा जय हिंद
मै कुछ उदहारण देकर स्पष्ट करना चाहूँगा . राजा हरिश्चंद्र ने सपने में इक वादा किया था और उस वादे को उन्होंने सुबह में पूरा कर दिया . ओ वादा इसलिए नहीं पुरे किये को ओ कानून से डरते थे उन्होंने इसलिए वादा पुरे किये कि कल राज्य कि जनता ये न कहे कि राजा अपने दिए हुए वचनों से मुकर जाता है .जनता का राजा के ऊपर से भरोसा न उठ जाये इसलिए पालन किया . उन्होंने राजधर्म का पालन करते हुए अपना वादा पूरा कर दिया परन्तु आज के नेता दिन में किये हुए वादा पुरे नहीं करते .
भगवान राम ने राज धर्म पालन किया और एक प्रजा के कहने पर अपनी प्यारी पत्नी को सीता को महल से निकल दिया .ओ कानून से नहीं बल्कि धर्म , राज धर्म से डरते थे .
चाद्क्य ने चन्द्र गुप्त मौर्या को धार्मिक और राजनैतिक शिक्षा देकर चन्द्रगुप्त को भारत का सर्वश्रेष्ट शासक बना दिया
हमारे नेताओं को भी धर्म की शिक्षा देना जरुरी है उन्हें रामचरित मानस पढने के लिए उत्साहित करना पड़ेगा तब जाकर उनके चरित्र और स्वभाव में बदलाव आएगा . चाद्क्य जैसे विद्वान् शिक्षक के सानिध्य में शिक्षा ग्रहण करना पड़ेगा उन्हें धर्म निरपेक्ष नहीं धर्मसपेक्षा बनाना पड़ेगा . हिन्दुस्तान का गौरव मयी इतिहास , शिवी धतिची और राजा बलि की कहानी से इनको अवगत करना पड़ेगा तभी जाकर हमारे नेताओं के चरित्र और स्वभाव में बदलाव आएगा और ओ राम और हरीश्चन्द्र की तरह राजधर्म का पालन करेंगे और भ्रष्टाचार से दूर रहेंगे और संत आत्माओं की भाति कम करेंगे और भारत फिर से दुनिया का गुरु बन जायेगा जय हिंद